Tuesday, December 15, 2020
Saturday, November 21, 2020
Wednesday, October 28, 2020
Monday, October 26, 2020
Sunday, October 25, 2020
Sunday, July 5, 2020
Friday, July 3, 2020
Tuesday, June 23, 2020
Saturday, June 13, 2020
Monday, June 8, 2020
Saturday, June 6, 2020
Thursday, June 4, 2020
Wednesday, June 3, 2020
कोरोना संकट:मनुष्य और सृष्टि
Monday, June 1, 2020
Monday, May 25, 2020
Friday, May 15, 2020
Thursday, May 14, 2020
Wednesday, May 13, 2020
Tuesday, May 12, 2020
कोरोना का प्रभाव
Monday, May 11, 2020
ईर्ष्या भाव का परिणाम
Sunday, May 10, 2020
केवल सबका हित का विचार करें
Saturday, May 9, 2020
व्यसन
Friday, May 8, 2020
Tuesday, May 5, 2020
Saturday, May 2, 2020
मानव जीवन में सदगुरू की महत्ता
Wednesday, April 29, 2020
कविता–"मोह एक अनन्त मरीचिका"
Tuesday, April 28, 2020
जीवन का प्रमुख उद्देश्य
हमारा स्थायी निवास "अमर लोक"
मानव जीवन में मन की भूमिका
सदगुरु का शिष्य होना
Tuesday, April 14, 2020
परमात्मा के प्रति कृतज्ञता का भाव
परमात्मा के प्रति शिकायत नहीं वरन सदैव हर हालात में कृतज्ञता का भाव हॄदय में रखना चाहिए ।
अनमोल मानव जीवन
मानव जीवन परमात्मा का एक अनमोल उपहार है, इसका हर पल आनन्द एवं शान्ति से व्यतीत हो, इस दिशा में हमारा सतत गम्भीर प्रयास होना चाहिए ।
Sunday, April 12, 2020
आत्मकल्याण की सार्थकता
सन्सार में हम सब कुछ पाकर भी उसका सुख प्राप्त नहीं कर सकते हैं, जब तक कि हम आत्म कल्याण के लिए समुचित प्रयास नहीं करते हैं ।
Saturday, April 11, 2020
मानव का सर्वांगीण विकास
मानव का सर्वांगीण विकास केवल सदगुरू शरण में रहकर साधना–सेवा–सत्संग करने में ही है और अन्य कोई उपाय नहीं है ।
Friday, April 10, 2020
आत्मिक उद्धार
प्रत्येक मानव का यह परम कर्त्तव्य है कि वह आत्मिक उद्धार को सर्व प्राथमिकता प्रदान करे, आत्मिक उद्धार के बगैर यदि यह जीवन समाप्त हो गया तो यह जीवन व्यर्थ है । अतः अपनी दिनचर्या में सांसारिक कार्यों को जिस प्रकार हम समयबद्ध करते हैं, उसी प्रकार आत्मिक उद्धार के लिए भी हमें समय सुनिश्चित करना चाहिए ।
Thursday, April 9, 2020
मानव जीवन की सार्थकता
हम सम्पूर्ण सन्सार को जानने का दावा करते हैं, यक्ष प्रश्न यह है कि क्या हम स्वयं को जान पाए हैं ? सन्सार को जानने की अपेक्षा स्वयं को जानने में ही मानव जीवन की सार्थकता है ।
मानव कौन?
यदि कोई व्यक्ति हमारे प्रति विरोधी भाव रखता है तो वह उसका धर्म है, परन्तु हमारा धर्म यह है कि हम उसके प्रति कोई विरोधी भाव न रखें । सदैव हम सबका हित चिन्तन करें, जरूरत पड़ने पर हर हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहें । अन्य के सुख में अपना सुख, अन्य के विकास में अपना विकास समझने वाला व्यक्ति ही वास्तव में मानव कहलाने योग्य है ।
Tuesday, April 7, 2020
आलोचना
कोई यदि हमारी किसी भी प्रकार की आलोचना करता है, तो हम उस व्यक्ति के प्रति कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से बचें, बल्कि हम आत्मावलोकन करें कि व्यक्ति के कथनानुसार हममें कोई दोष तो नहीं है, यदि ऐसा कुछ है तो दोष का निराकरण करें ।
Monday, April 6, 2020
संवाद की शर्तें
हम जब भी किसी व्यक्ति से संवाद कर रहे हों, तब हमें इन बातों का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए–हमारे हृदय में व्यक्ति के प्रति पूर्ण सम्मान एवं प्रेम का भाव हो, वाणी में कोमलता हो, स्वयं में विनयशीलता हो, हमारे हृदय में उस व्यक्ति का हित का चिन्तन हो, हम किसी प्रकार से पूर्वाग्रह से ग्रसित न हों, भाषा पर पूर्ण नियंत्रण हो, व्यक्ति की भावनाओं का सम्मान हो ।
Sunday, April 5, 2020
सदगुरु की सेवा
सेवा के द्वारा श्री सदगुरु प्रभु जी को प्रसन्न कर हम स्वयं का पूर्ण आत्मिक एवं सांसारिक कल्याण कर सकते हैं, इसके अलावा इस धरती पर इसके लिए अन्य कोई उपाय नहीं है ।
पूर्वाग्रह
अध्यात्म हो या सन्सार शिखर तक पहुँचने के लिए समस्त पूर्वाग्रहों से ऊपर उठना पड़ेगा । पूर्वाग्रहों का भार लेकर हम लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकते हैं ।
Friday, April 3, 2020
जीवन का उद्देश्य
मानव जीवन का परम् उद्देश्य आत्म कल्याण एवं गौण उद्देश्य सांसारिक उपलब्धियाँ हैं, परन्तु इसका स्पष्ट बोध हमें न होने के फ़लस्वरूप हमारे समक्ष अनेक प्रकार की समस्यायें, उलझने, विसंगतियाँ, रोग------उपस्थित हैं ।
Monday, March 30, 2020
Thursday, March 26, 2020
चिन्तन
चिन्तन हमारे सर्वांगीण विकास का कारण बनता है, यहाँ तक कि यह हमारे परमात्मा प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त कर देता है ।
Wednesday, March 25, 2020
देवत्व
प्रेम, करुणा, दया, क्षमा, अक्रोध, अहिंसा------देवत्व गुण हैं, हॄदय में यदि यह भाव किसी मनुष्य में समावेशित हो गए तो वह मनुष्य देवत्व की ओर अग्रसर हो जावेगा ।
Tuesday, March 24, 2020
भाव की शुद्धता
यदि हम अपने हॄदय में किसी अन्य व्यक्ति के प्रति द्वेष, ईर्ष्या, क्रोध, हिंसा-------का भाव पाल कर रखे हैं, तो वे भाव हमें ही दीमक जैसा चाट जायेंगे, और एक दिन हमारे सर्वनाश का कारण बनेंगे ।
Friday, March 20, 2020
सकारत्मकता
जीवन में जब हम सकारात्मक विचार लेकर चलते है, तो विपरीत परिस्थितियां भी अनुकूल होने लगती हैं ।
Thursday, March 19, 2020
जीवन में जीवन्तता
मानव जीवन में जीवन्तता तभी है, जब जीवन में उत्साह, उल्लास, उमंग, उत्तेजना का समावेश हो !
Wednesday, March 18, 2020
जीवन की सार्थकता
आत्मा को मनुष्य देह का प्राप्त होना, अत्यन्त दुर्लभ है, कितने ही युग–कल्प व्यतीत होने के पश्चात प्रभु की अहेतुकी कृपा से यह सौभाग्य प्राप्त होता है । इससे अधिक दुर्लभ है–सदगुरु का मिलना । सदगुरु के मिलने के पश्चात दुर्लभ है–सदगुरु की सेवा का अवसर प्राप्त होना । अतः जब भी सेवा का परम दुर्लभ अवसर प्राप्त हो, उस अवसर से किसी भी स्थिति–परिस्थिति में नहीं चूकना चाहिए । सेवा ही भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है और भक्ति सर्व प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है ।
Tuesday, March 17, 2020
मानव जीवन
मानव जीवन में यदि पाने की इच्छा एवं खोने का डर समाप्त हो जावे तो, तब जीवन का वास्तविक स्वरूप प्रकट होता है ।