Sunday, April 12, 2020

आत्मकल्याण की सार्थकता

सन्सार में हम सब कुछ पाकर भी उसका सुख प्राप्त नहीं कर सकते हैं, जब तक कि हम आत्म कल्याण के लिए समुचित प्रयास नहीं करते हैं ।

Saturday, April 11, 2020

मानव का सर्वांगीण विकास

मानव का सर्वांगीण विकास केवल सदगुरू शरण में रहकर साधना–सेवा–सत्संग करने में ही है और अन्य कोई उपाय नहीं है ।

Friday, April 10, 2020

आत्मिक उद्धार

प्रत्येक मानव का यह परम कर्त्तव्य है कि वह आत्मिक उद्धार को सर्व प्राथमिकता प्रदान करे, आत्मिक उद्धार के बगैर यदि यह जीवन समाप्त हो गया तो यह जीवन व्यर्थ है । अतः अपनी दिनचर्या में सांसारिक कार्यों को जिस प्रकार हम समयबद्ध करते हैं, उसी प्रकार आत्मिक उद्धार के लिए भी हमें समय सुनिश्चित करना चाहिए ।

Thursday, April 9, 2020

मानव जीवन की सार्थकता

हम सम्पूर्ण सन्सार को जानने का दावा करते हैं, यक्ष प्रश्न यह है कि क्या हम स्वयं को जान पाए हैं ? सन्सार को जानने की अपेक्षा स्वयं को जानने में ही मानव जीवन की सार्थकता है ।

मानव कौन?

यदि कोई व्यक्ति हमारे प्रति विरोधी भाव रखता है तो वह उसका धर्म है, परन्तु हमारा धर्म यह है कि हम उसके प्रति कोई विरोधी भाव न रखें । सदैव हम सबका हित चिन्तन करें, जरूरत पड़ने पर हर हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहें । अन्य के सुख में अपना सुख, अन्य के विकास में अपना विकास समझने वाला व्यक्ति ही वास्तव में मानव कहलाने योग्य है ।

Tuesday, April 7, 2020

आलोचना

कोई यदि हमारी किसी भी प्रकार की आलोचना करता है, तो हम उस व्यक्ति के प्रति कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से बचें, बल्कि हम आत्मावलोकन करें कि व्यक्ति के कथनानुसार हममें कोई दोष तो नहीं है, यदि ऐसा कुछ है तो दोष का निराकरण करें ।

Monday, April 6, 2020

संवाद की शर्तें

हम जब भी किसी व्यक्ति से संवाद कर रहे हों, तब हमें इन बातों का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए–हमारे हृदय में व्यक्ति के प्रति पूर्ण सम्मान एवं प्रेम का भाव हो, वाणी में कोमलता हो, स्वयं में विनयशीलता हो,  हमारे हृदय में उस व्यक्ति का हित का चिन्तन हो, हम किसी प्रकार से पूर्वाग्रह से ग्रसित न हों, भाषा पर पूर्ण नियंत्रण हो, व्यक्ति की भावनाओं का सम्मान हो ।