यदि कोई व्यक्ति हमारे प्रति विरोधी भाव रखता है तो वह उसका धर्म है, परन्तु हमारा धर्म यह है कि हम उसके प्रति कोई विरोधी भाव न रखें । सदैव हम सबका हित चिन्तन करें, जरूरत पड़ने पर हर हमेशा सहयोग के लिए तत्पर रहें । अन्य के सुख में अपना सुख, अन्य के विकास में अपना विकास समझने वाला व्यक्ति ही वास्तव में मानव कहलाने योग्य है ।
Thursday, April 9, 2020
Tuesday, April 7, 2020
आलोचना
कोई यदि हमारी किसी भी प्रकार की आलोचना करता है, तो हम उस व्यक्ति के प्रति कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से बचें, बल्कि हम आत्मावलोकन करें कि व्यक्ति के कथनानुसार हममें कोई दोष तो नहीं है, यदि ऐसा कुछ है तो दोष का निराकरण करें ।
Monday, April 6, 2020
संवाद की शर्तें
हम जब भी किसी व्यक्ति से संवाद कर रहे हों, तब हमें इन बातों का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए–हमारे हृदय में व्यक्ति के प्रति पूर्ण सम्मान एवं प्रेम का भाव हो, वाणी में कोमलता हो, स्वयं में विनयशीलता हो, हमारे हृदय में उस व्यक्ति का हित का चिन्तन हो, हम किसी प्रकार से पूर्वाग्रह से ग्रसित न हों, भाषा पर पूर्ण नियंत्रण हो, व्यक्ति की भावनाओं का सम्मान हो ।
Sunday, April 5, 2020
सदगुरु की सेवा
सेवा के द्वारा श्री सदगुरु प्रभु जी को प्रसन्न कर हम स्वयं का पूर्ण आत्मिक एवं सांसारिक कल्याण कर सकते हैं, इसके अलावा इस धरती पर इसके लिए अन्य कोई उपाय नहीं है ।
पूर्वाग्रह
अध्यात्म हो या सन्सार शिखर तक पहुँचने के लिए समस्त पूर्वाग्रहों से ऊपर उठना पड़ेगा । पूर्वाग्रहों का भार लेकर हम लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकते हैं ।
Friday, April 3, 2020
जीवन का उद्देश्य
मानव जीवन का परम् उद्देश्य आत्म कल्याण एवं गौण उद्देश्य सांसारिक उपलब्धियाँ हैं, परन्तु इसका स्पष्ट बोध हमें न होने के फ़लस्वरूप हमारे समक्ष अनेक प्रकार की समस्यायें, उलझने, विसंगतियाँ, रोग------उपस्थित हैं ।