चिन्ता हमारे चिता का मार्ग प्रशस्त करता है ।
Monday, March 30, 2020
Thursday, March 26, 2020
चिन्तन
चिन्तन हमारे सर्वांगीण विकास का कारण बनता है, यहाँ तक कि यह हमारे परमात्मा प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त कर देता है ।
Wednesday, March 25, 2020
देवत्व
प्रेम, करुणा, दया, क्षमा, अक्रोध, अहिंसा------देवत्व गुण हैं, हॄदय में यदि यह भाव किसी मनुष्य में समावेशित हो गए तो वह मनुष्य देवत्व की ओर अग्रसर हो जावेगा ।
Tuesday, March 24, 2020
भाव की शुद्धता
यदि हम अपने हॄदय में किसी अन्य व्यक्ति के प्रति द्वेष, ईर्ष्या, क्रोध, हिंसा-------का भाव पाल कर रखे हैं, तो वे भाव हमें ही दीमक जैसा चाट जायेंगे, और एक दिन हमारे सर्वनाश का कारण बनेंगे ।
Friday, March 20, 2020
सकारत्मकता
जीवन में जब हम सकारात्मक विचार लेकर चलते है, तो विपरीत परिस्थितियां भी अनुकूल होने लगती हैं ।
Thursday, March 19, 2020
जीवन में जीवन्तता
मानव जीवन में जीवन्तता तभी है, जब जीवन में उत्साह, उल्लास, उमंग, उत्तेजना का समावेश हो !
Wednesday, March 18, 2020
जीवन की सार्थकता
आत्मा को मनुष्य देह का प्राप्त होना, अत्यन्त दुर्लभ है, कितने ही युग–कल्प व्यतीत होने के पश्चात प्रभु की अहेतुकी कृपा से यह सौभाग्य प्राप्त होता है । इससे अधिक दुर्लभ है–सदगुरु का मिलना । सदगुरु के मिलने के पश्चात दुर्लभ है–सदगुरु की सेवा का अवसर प्राप्त होना । अतः जब भी सेवा का परम दुर्लभ अवसर प्राप्त हो, उस अवसर से किसी भी स्थिति–परिस्थिति में नहीं चूकना चाहिए । सेवा ही भक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है और भक्ति सर्व प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है ।
Tuesday, March 17, 2020
मानव जीवन
मानव जीवन में यदि पाने की इच्छा एवं खोने का डर समाप्त हो जावे तो, तब जीवन का वास्तविक स्वरूप प्रकट होता है ।