Sunday, May 5, 2019

भगवान श्री राम

मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम जी ने पारिवारिक, राजनैतिक, सामाजिक, चारित्रिक -------उच्चतम मर्यादाओं को कायम किया, वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी कि उस काल में थीं । वर्तमान काल में जिस प्रकार की परिस्थितियां निर्मित हुई हैं, उसमें तो इनकी अत्यधिक आवश्यकता है । आज सम्पूर्ण विश्व के मानव को श्री राम जैसी   चरित्रबल  की आवश्यकता है । हम रामनवमी त्योहार के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं, राम कथा पर आधारित राम चरित मानस का पाठ भी कर लेते हैं, रामलीला का मंचन भी करते हैं, परन्तु राम ने जिन उच्चतम मर्यादाओं को कायम किया है,  उनको अपने जीवन में उतारने का प्रयास नहीं करते हैं ।
इसके लिए आवश्यक है, आत्मबोध की, परमात्म बोध की । इसके बगैर यह सब असम्भव है ।